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Inna lillahi wa inna ilayhi raji’un meaning in Hindi

Inna lillahi wa inna ilayhi raji'un meaning in Hindi

बिस्मिल्लाहिर रहमानी रहीम, आज की चर्चा का विषय Inna lillahi wa inna ilayhi raji’un meaning in Hindi इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलाही राजी’उन

Inna lillahi wa inna ilayhi raji’un. इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलाही राजी’उन

إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

उच्चारण: इन्नालिल्लाहि वा इन्ना इलैहि रजियुन।

अर्थ: हम अल्लाह के हैं और निश्चित रूप से अल्लाह की ओर लौटेंगे।

सर्वशक्तिमान अल्लाह कहते हैं:

الَّذِیۡنَ اِذَاۤ اَصَابَتۡهُمۡ مُّصِیۡبَۃٌ ۙ قَالُوۡۤا اِنَّا لِلّٰهِ وَ اِنَّاۤ اِلَیۡهِ رٰجِعُوۡنَ

जो लोग जब उन पर ख़तरा आ जाता है तो कहते हैं, हम तो अल्लाह के हैं। और निश्चय ही हम उसी की ओर लौटनेवाले हैं। (सूरह बक़रह आयत नं. 156)

Inna lillahi wa inna ilayhi raji’un. इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलाही राजी’उन

إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ، اللَّهُمَّ أْجُرْنِي فِي مُصِيبَتِي وَأَخْلِفْ لِي خَيْرًا مِنْهَا

उच्चारण: इन्नालिल्लाहि वा इन्ना इलाही रजियौं, अल्लाहुम्मा अजिर्नी फी मुसिबती; वा अख़लीफ़-ली खैरम मिन्हा।

बंगाली अर्थ: हम अल्लाह के हैं और निश्चित रूप से अल्लाह की ओर लौटेंगे। ओ अल्लाह! मुझे मेरे संकट का बदला दो और मुझे इससे भी अच्छा दो।

When to recite Inna lillahi wa inna ilayhi raji’un? इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलाही राजी’उन

सर्वशक्तिमान अल्लाह कहते हैं:

وَ لَنَبۡلُوَنَّکُمۡ بِشَیۡءٍ مِّنَ الۡخَوۡفِ وَ الۡجُوۡعِ وَ نَقۡصٍ مِّنَ الۡاَمۡوَالِ وَ الۡاَنۡفُسِ وَ الثَّمَرٰتِ ؕ وَ بَشِّرِ الصّٰبِرِیۡنَ

الَّذِیۡنَ اِذَاۤ اَصَابَتۡهُمۡ مُّصِیۡبَۃٌ ۙ قَالُوۡۤا اِنَّا لِلّٰهِ وَ اِنَّاۤ اِلَیۡهِ رٰجِعُوۡنَ

और मैं निश्चय ही कुछ भय, भूख और प्राणों, वस्तुओं और फलों की कमी से तुम्हारी परीक्षा लूंगा। और मरीज़ को ख़ुश ख़बरी दे दो। (सूरह बक़रह आयत नं. 155)

जो लोग जब उन पर ख़तरा आ जाता है तो कहते हैं, हम तो अल्लाह के हैं। और निश्चय ही हम उसी की ओर लौटनेवाले हैं। (सूरह बक़रह आयत नं. 156)

ऊपर वर्णित दो आयतों से यह स्पष्ट है कि गुलाम जब भी किसी खतरे का सामना करेगा तो ‘इन्ना लिल्लाह वा इन्ना इलैही रजियुन’ कहेगा। बहुत से लोग सोचते हैं कि यह दुआ केवल किसी की मृत्यु पर ही पढ़ी जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। यह दुआ किसी भी वक्त, किसी भी खतरे में या बाला मसिब में पढ़नी चाहिए। अल्लाह के दूत (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहा, जिस किसी पर कोई विपत्ति आती है, तो जैसा कि अल्लाह ने उसे आदेश दिया है, कहता है ‘इन्नलिल्लाहि वा इन्ना इलाही रजियुन, अल्लाहुम्मा अजिर्नी फि विपत्ति; वा अख़लीफ़-ली ख़ैरम मिन्हा’ का अर्थ है ‘हम अल्लाह की ओर लौटेंगे और निश्चित रूप से हम अल्लाह की ओर लौटेंगे। ओ अल्लाह! मुझे मेरे कष्ट का बदला दो और इससे भी अच्छा मेरा कल्याण करो।’ परन्तु अल्लाह उसके साथ भी वैसा ही करेगा। (मुअत्ता इमाम मलिक: 546)

Inna Lillahi Wa Inna Ilayhi Raji’un Fazilat. इन्ना लिल्लाही और इन्ना इलाही राजिउन् फजीलत

– و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ أَصَابَتْهُ مُصِيبَةٌ فَقَالَ كَمَا أَمَرَ اللهُ { إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ } اللهُمَّ أْجُرْنِي فِي مُصِيبَتِي وَأَعْقِبْنِي خَيْرًا مِنْهَا إِلَّا فَعَلَ اللهُ ذَلِكَ بِهِ قَالَتْ أُمُّ سَلَمَةَ فَلَمَّا تُوُفِّيَ أَبُو سَلَمَةَ قُلْتُ ذَلِكَ ثُمَّ قُلْتُ وَمَنْ خَيْرٌ مِنْ أَبِي سَلَمَةَ فَأَعْقَبَهَا اللهُ رَسُولَهُ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَزَوَّجَهَا.

पैगंबर की पत्नी उम्म सलमा के अधिकार पर, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें:

रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने कहा, जिस किसी पर कोई विपत्ति आती है, तो वह कहता है, जैसा कि अल्लाह ने उसे आदेश दिया है, ‘इन्नलिल्लाहि वा इन्ना इलाही रजियुन, अल्लाहुम्मा अजिरनी फि मुसिबती; वा अख़लीफ़-ली ख़ैरम मिन्हा’ का अर्थ है ‘हम अल्लाह की ओर लौटेंगे और निश्चित रूप से हम अल्लाह की ओर लौटेंगे। ओ अल्लाह! मुझे मेरे कष्ट का बदला दो और इससे भी अच्छा मेरा कल्याण करो।’ परन्तु अल्लाह उसके साथ भी वैसा ही करेगा। उम्म सलमा (आरए) ने कहा, अबू सलमा (आरए) की मृत्यु के बाद, मैंने उक्त दुआ पढ़ी, और मैंने कहा, अबू सलमा (आरए) से बेहतर कौन होगा? परिणामस्वरूप, अल्लाह ने मुझे उसके बदले अपने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को दे दिया, फिर उसने मुझसे विवाह कर लिया। (मुअत्ता इमाम मलिक: 546)

हदीस की गुणवत्ता: सहीह हदीस

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